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शेर सिंह राणा की जीवनी पर बनेगी फिल्म, विद्युत जामवाल निभाएंगे मुख्य भूमिका

बॉलीवुड में बीते कुछ वर्षों से बायॉपिक का ट्रेंड बहुत चल रहा है। चुकी कुछ बायॉपिक फिल्में काफी हिट भी हुई, इसलिए फिल्म मेकर्स ने बायॉपिक की झड़ियां लगा दी। अब इसी कड़ी में ‘शेर सिंह राणा’ (Sher Singh Raana) की बायॉपिक भी बनने जा रही हैं। इसमें बॉलीवुड के धुरंधर एक्शन खिलाड़ी विद्युत जामवाल (Vidyut Jammwal) शेर सिंह राणा का किरदार निभाते नजर आएंगे।

फूलन देवी की हत्या कर फेमस हुए थे शेर सिंह राणा
‘शेर सिंह राणा’ का नाम सुन यदि आपके दिमाग की बत्ती नहीं जल रही तो चलिए पहले उनके जीवन पर कुछ रोशनी डाल देते हैं। शेर सिंह राणा डाकू और सांसद फूलन देवी (Phoolan Devi) के हत्यारे के रूप में फेमस हैं। उन्होंने 25 जुलाई 2001 को फूलन देवी को उनके दिल्ली के सरकारी आवास के सामने गोलियों से भून दिया था।

शेर सिंह राणा ने फूलन देवी की हत्या बदला लेने के इरादे से की थी। दरअसल मध्य प्रदेश के बेहमई गांव में ठाकुर समाज के कई लोगों ने तीन हफ्ते तक फूलन देवी की इज्जत लूटी थी। इस घटना से गुस्साई फुलन देवी ने 14 फरवरी 1981 को 22 ठाकुरों को लाइन में खड़ा कर गोलियों से उड़ा दिया था। इसके बाद उन्होंने सरकार को आत्मसमर्पण कर दिया था। वहीं कुछ समय बाद वह सांसद भी बन गई थी।

इसके बाद शेर सिंह राणा ने भी फूलन देवी की हत्या के दो दिन बाद देहरादून पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था। उस पर हत्या का केस चला। लेकिन 3 साल तिहाड़ जेल में बंद रहने के बाद वह 17 फरवरी 2004 को फिल्मी अंदाज में जेल तोड़कर भाग निकला।

जेल से भागने के बाद वह पहले मुरादाबाद के एक होटल में रुका। यहाँ उसने रिश्तेदारों से पैसे मंगवाए और अपने बांग्लादेश जाने के वीजा का इंतजाम किया। फिर वह बांग्लादेश से दुबई होते हुए अफगानिस्तान जा पहुंचा। इस दौरान उसके रिश्तेदार उसे महीने के 15-20 हजार रुपए देते रहते थे। इतना ही नहीं पुलिस से ट्रैक होन से बचने के लिए उसने 16,500 रुपए का एक सैटेलाइट फोन भी खरीद लिया था।

पृथ्वीराज चौहान की अस्थियां लाने से सुधरी छवि
अफगानिस्तान से वह गजनी पहुंचा। यहां उसने 11वीं शताब्दी के सम्राट पृथ्वीराज चौहान की अस्थियां ली और भारत लौट आया। उसने पृथ्वीराज चौहान की अस्थियां लाने पर एक 40 मिनट का वीडियो बनाकर यू-ट्यूब पर भी डाला। दो साल जेल से फरार रहने के बाद 2006 में राणा कोलकाता के एक गेस्ट हाउस में गिरफ्तार हो गया। 14 अगस्त 2014 को उसे उम्रकैद और 1 लाख जुर्माने की सजा मिली।

लेकिन सम्राट पृथ्वीराज चौहान की अस्थियां लाने के चलते भारतीयों में उसकी इमेज अच्छी बन गई। लोग उसे एक आरोपी नहीं बल्कि अच्छा इंसान समझने लगे। उसकी बहादुरी के गुणगान हिंदू क्षत्रिय सेना ने भी किए। फिर दिल्ली हाईकोर्ट ने उसे जमानत भी मिल गई। इसके बाद उसने राजनीति में हाथ आजमाया। 2012 में उसने सवर्णों की पार्टी का गठन किया। हालांकि वह 2012 में यूपी के जेवर से चुनाव हार गया।

इतना सब होने के बावजूद उनसे 20 फरवरी 2018 को मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक राणा प्रताप सिंह की बेटी प्रतिमा राणा संग 7 फेरे ले लिए। ये शादी दिल्ली के एक होटल में हुई। शादी में राणा को 10 करोड़ 31 लाख रुपए का दहेज भी ऑफर हुआ था, लेकिन उसने इसे लेने से मना कर दिया।

अब जैसा कि आप देख सकते हैं। ‘शेर सिंह राणा’ की जिंदगी किसी फिल्मी स्टोरी से कम नहीं है। ऐसे में उनकी लाइफ पर बायॉपिक बड़ी मसालेदार होने वाली है। बताते चलें कि इस बायॉपिक को विनोद भानुशाली प्रड्यूस और श्री नारायण सिंह डायरेक्ट कर रहे हैं। उधर विद्युत जामवाल अपनी इस फर्स्ट बायॉपिक को लेकर बड़े उत्साहित हैं।

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